भगवान शांतिनाथ की प्रतिमा: मुख्य मंदिर के गर्भगृह में जैन धर्म के 16वें तीर्थंकर भगवान
शांतिनाथ
की लगभग 22.5 (साढ़े
बाईस) फीट ऊंची अत्यंत भव्य और मनमोहक खड्गासन (खड़े) मुद्रा में प्रतिमा विराजमान है।
अन्य प्रतिमाएं: मुख्य शांतिनाथ प्रतिमा के दोनों तरफ भगवान पार्श्वनाथ और भगवान सुपार्श्वनाथ की लगभग 8
फीट ऊंची
सुंदर
प्रतिमाएं स्थापित हैं।
वास्तुकला और निर्माण: उपलब्ध ऐतिहासिक साक्ष्यों और शिलालेखों के अनुसार, परमार वंश के प्रसिद्ध राजा
भोज के
निर्देशानुसार
यह प्रतिष्ठा वर्ष 1100-1101 ईस्वी के आसपास संपन्न हुई थी।
आचार्य मानतुंगाचार्य: यह क्षेत्र महान जैन आचार्यश्री मानतुंगाचार्य (जिन्होंने प्रसिद्ध 'भक्तामर
स्तोत्र' की
रचना की थी)
की साधना और प्रभाव से जुड़ा हुआ एक पवित्र स्थल माना जाता है।
श्रद्धालुगण निम्न समय-सारणी के अनुसार दर्शन, अभिषेक एवं आरती में सम्मिलित हो सकते हैं।
श्री दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र, शांतिनगर भोजपुर मध्य प्रदेश की पावन बेतवा नदी के तट पर स्थित एक अत्यंत प्राचीन एवं अतिशयकारी तीर्थ है। यह स्थल परमार वंश के महान प्रतापी सम्राट राजा भोज की नगरी भोजपुर से जुड़ा हुआ है, जहाँ उन्होंने भव्य शिव मंदिर के साथ-साथ जैन धर्म के प्रति भी अपना आदर भाव प्रकट किया था।
क्षेत्र की सबसे बड़ी विशेषता यहाँ विराजमान भगवान शांतिनाथ की 22.5 फीट ऊँची खड्गासन (कायोत्सर्ग) प्रतिमा है, जो अपनी भव्यता एवं शांत मुखमुद्रा के कारण दूर-दूर से श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है।
इस क्षेत्र का संबंध महामुनि आचार्य मानतुंग महाराज की तपस्या एवं समाधि स्थली से जुड़ी धार्मिक परंपराओं के कारण विशेष महत्व रखता है। जिन्होंने प्रसिद्ध "भक्तामर स्तोत्र" की रचना की थी। यह क्षेत्र सदियों से जैन श्रद्धालुओं के लिए आस्था, तप एवं साधना का केंद्र रहा है।
ऐतिहासिक विवरण सामान्य परंपरा एवं जनश्रुति पर आधारित हैं। सटीक तिथियों हेतु क्षेत्र प्रबंध समिति से संपर्क करें।
भोजपुर आगमन के दौरान श्रद्धालु भोपाल-रायसेन क्षेत्र के निम्न जैन मंदिरों के भी दर्शन कर सकते हैं।
कृपया यात्रा से पूर्व संबंधित मंदिर समिति से दर्शन-समय की पुष्टि अवश्य करें।
आपका प्रत्येक सहयोग क्षेत्र के जीर्णोद्धार, पूजन-सामग्री एवं नित्य अनुष्ठानों में उपयोग होता है।
जिला रायसेन, मध्य प्रदेश — भोपाल से लगभग 28 किलोमीटर दूर, बेतवा नदी के तट पर स्थित।
सड़क मार्ग द्वारा भोपाल एवं रायसेन दोनों ओर से सुगमता से पहुँचा जा सकता है।
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